विकासशील देशों का कर्ज 2025 में $9.4 ट्रिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा
विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार निजी ऋण और बॉन्ड जारी करने में भारी उछाल आया है
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 4:27 · 2 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
विकासशील देशों पर कुल कर्ज वर्ष 2025 में $9.4 ट्रिलियन के ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है। विश्व बैंक द्वारा जारी वार्षिक इंटरनेशनल डेट रिपोर्ट में ये चौंकाने वाले विवरण सामने आए हैं। यह रिपोर्ट दर्शाती है कि विकासशील राष्ट्रों की आर्थिक स्थिति पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
रिपोर्ट के अनुसार, कर्ज में इस भारी वृद्धि के लिए मुख्य रूप से निजी वित्तपोषण (प्राइवेट फाइनेंसिंग) जिम्मेदार रहा है। निजी लेनदारों से लिए गए ऋण और सार्वजनिक उद्यमों के माध्यम से किए गए बॉन्ड जारी करने में लगभग 35 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि सरकारी ऋण की तुलना में निजी क्षेत्र द्वारा लिए गए कर्ज में अधिक तेजी देखी गई है, जिसके कारण कुल कर्ज की राशि रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है।
विश्व बैंक ने विकासशील देशों का अलग-अलग वर्गीकरण किया है, जिसमें कुछ देशों को 'सबसे अधिक संवेदनशील' (most vulnerable) के रूप में पहचाना गया है। रिपोर्ट में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि इन संवेदनशील देशों में बाहरी कर्ज में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई है। चूंकि ये देश पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर हैं, इसलिए बढ़ता हुआ बाहरी कर्ज उनकी आर्थिक स्थिरता के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता है।
द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ये आंकड़े विश्व बैंक के हालिया डेटा पर आधारित हैं। रिपोर्ट में दिखाया गया है कि विकासशील देश अब तेजी से निजी ऋण पर निर्भर हो रहे हैं, जो लंबी अवधि में ब्याज दरों और भुगतान की शर्तों के कारण मुश्किलें पैदा कर सकता है। विशेष रूप से जिन देशों को विश्व बैंक ने अत्यंत संवेदनशील माना है, वहां बाहरी कर्ज की बढ़ती राशि उनकी भुगतान क्षमता पर दबाव डाल रही है।
इस प्रकार, वर्ष 2025 में विकासशील देशों का कर्ज $9.4 ट्रिलियन तक पहुँचना अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजार में एक बड़ी घटना है। निजी क्षेत्र के ऋण में 35 प्रतिशत की वृद्धि और संवेदनशील देशों में बाहरी कर्ज की वृद्धि आर्थिक असंतुलन की ओर संकेत करती है। विश्व बैंक की यह रिपोर्ट वैश्विक स्तर पर कर्ज की समस्या और उसके समाधानों पर चर्चा करने की आवश्यकता पर जोर देती है।
ન્યુઝીલેન્ડ સામે ટેસ્ટ શ્રેણી પૂર્વે બુમરાહ અને જાડેજા ઈન્ડિયા એ ટીમમાં સામેલ થશે
લિંકન ખાતે શનિવારથી શરૂ થતી ન્યુઝીલેન્ડ એ સામેની અંતિમ ચાર-દિવસીય મેચમાં દિગ્ગજ ખેલાડીઓ રમશે
BCI ने लॉ कोर्स के लिए आयु सीमा हटाई, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा किया
3 वर्ष और 5 वर्ष के LLB कोर्स में अब उम्र का कोई बंधन नहीं रहेगा
સીબીઆઈએ કિશોર બિયાણી અને ફ્યુચર રિટેલ સામે ₹૯૦૪ કરોડની છેતરપિંડીનો કેસ દાખલ કર્યો
સ્ટેટ બેંક ઓફ ઈન્ડિયાની ફરિયાદ બાદ સીબીઆઈએ મુંબઈમાં સર્ચ ઓપરેશન હાથ ધર્યું