सात शर्तें स्वीकार की जाएं तो ही होर्मुज स्ट्रेट खोला जाएगा, ईरान की कड़ी चेतावनी
अमेरिका के समक्ष सात मांगें रखी गई हैं और यदि वे पूरी नहीं होती हैं तो परमाणु वार्ता बंद रहेगी।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 1:51 · 2 मिनट का पाठ
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संदेश (विदेश) की रिपोर्ट के अनुसार मध्य पूर्व क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध का भय एक बार फिर चरम स्तर पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा कतर की मध्यस्थता के माध्यम से वाशिंगटन के समक्ष नया परमाणु प्रस्ताव भेजा गया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार अमेरिकी प्रशासन फिलहाल इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है।
रूस की यात्रा पर गए ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने तेहरान का यह रुख स्पष्ट करते हुए अपनी सात मांगों को दोहराया। ईरान की इन सात शर्तों में अमेरिका द्वारा लगाए गए सभी वित्तीय और आर्थिक प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटाना, विदेशों में जमानत या फ्रीज की गई ईरान की संपत्ति को मुक्त करना, नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करना, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों को पूरी तरह से वापस बुलाना और युद्ध के कारण हुए नुकसान के लिए मुआवजा देना शामिल है।
दूसरी ओर, अमेरिका का कहना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुख्य मुद्दा वार्ता के प्रारंभिक चरण में ही शामिल होना चाहिए, जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच सहमति बनना मुश्किल हो गया है। अमेरिकी चुनावों के बाद सैन्य कार्रवाई की संभावनाएं अधिक प्रबल हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव के बाद कड़ी सैन्य कार्रवाई के संकेतों को खारिज नहीं किया है। इस स्थिति के बीच ईरान ने भी चेतावनी दी है कि यदि उस पर फिर से हमले किए गए तो इसका अत्यंत गंभीर जवाब दिया जाएगा।
इससे पहले फरवरी महीने में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों के सैन्य ठिकानों पर रॉकेट और मिसाइलें दागकर जवाबी प्रहार किया था। इस संघर्ष का प्रभाव पूरे मध्य पूर्व में व्यापक हो गया है, जहां लेबनान का हिजबुल्लाह और यमन के हूति विद्रोही भी इस युद्ध का हिस्सा बन गए हैं। कतर के प्रस्ताव ने निश्चित रूप से बातचीत के लिए नया रास्ता खोला है, लेकिन दोनों देशों के कड़े रुख के कारण स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। वैश्विक समुदाय और मध्यस्थ देश क्षेत्र में व्यापक युद्ध रोकने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
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