माइकल क्लिंगर ने कोचिंग करियर और भारत में महिला क्रिकेट के समर्थन पर चर्चा की
गुजरात जायंट्स के कोच माइकल क्लिंगर ने भारत में महिला क्रिकेट के बढ़ते क्रेज और अपने अनुभवों के बारे में बात की
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, सुबह 6:53 · 4 मिनट का पाठ
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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी माइकल क्लिंगर ने हाल ही में अपने कोचिंग करियर और विशेष रूप से भारत में महिला क्रिकेट के समर्थन के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए हैं। WPL की मिनी नीलामी के एक दिन बाद कोच्चि में 'द हिंदू' द्वारा लिए गए एक साक्षात्कार में, क्लिंगर ने भारत में महिला क्रिकेट की स्थिति पर खुशी जताई। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत में महिला खिलाड़ियों को बहुत बड़ा समर्थन मिल रहा है। क्लिंगर ने कहा, “हमारी लड़कियों को बड़ी भीड़ के सामने खेलने का अवसर मिलता है, और वास्तव में यही सबसे महत्वपूर्ण बात है।”
माइकल क्लिंगर वर्तमान में एक बहुत ही मांग वाले कोच के रूप में उभरे हैं और वे विभिन्न देशों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। भारत की बात करें तो, वे वर्तमान में गुजरात जायंट्स की टीम को कोचिंग दे रहे हैं। गुजरात जायंट्स के प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि WPL के पहले दो संस्करणों में टीम सबसे निचले स्थान पर रही थी, लेकिन पिछले दो संस्करणों में टीम ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। इस सुधार के परिणामस्वरूप टीम लगातार दो बार प्ले-ऑफ में क्वालीफाई करने में सफल रही है।
उम्र और प्रदर्शन के संबंध में क्लिंगर ने एक महत्वपूर्ण राय दी। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से फिट है और मैदान पर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तो उसकी उम्र कोई महत्व नहीं रखती। यह बात उन्होंने अपने खेल और कोचिंग के अनुभवों के आधार पर कही, जहाँ शारीरिक क्षमता और कौशल को उम्र से अधिक प्राथमिकता दी जाती है।
माइकल क्लिंगर के खेल करियर पर नजर डालें तो, उन्होंने फर्स्ट क्लास, लिस्ट ए और T20 मैचों में कुल 24,729 रन बनाए थे। सांख्यिकीय रूप से उनका करियर बहुत प्रभावशाली रहा है, जिसने उन्हें कोचिंग के क्षेत्र में भी सफलता दिलाई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके खेल की बात करें तो, 2017 में एडिलेड में श्रीलंका के खिलाफ तीसरे T20I मैच में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 62 रन बनाए थे। हालांकि, इस मैच के बाद वे कोई अन्य अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल सके थे।
क्लिंगर के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब भारत में महिला क्रिकेट, विशेष रूप से विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के माध्यम से एक नया मोड़ ले रही है। कोच के रूप में उनकी भूमिका में गुजरात जायंट्स जैसी टीमों को सही दिशा देना और खिलाड़ियों के कौशल में वृद्धि करना शामिल है। उन्होंने भारत में महिला क्रिकेट के प्रोत्साहन के कारण खिलाड़ियों के आत्मविश्वास में हुई वृद्धि का स्वागत किया है।
माइकल क्लिंगर के अनुभव दर्शाते हैं कि एक खिलाड़ी के रूप में उनकी यात्रा और उसके बाद कोच के रूप में उनकी भूमिका, दोनों में उन्होंने अनुशासन और प्रदर्शन पर जोर दिया है। गुजरात जायंट्स की टीम में जो सुधार देखा गया है, उसमें क्लिंगर की रणनीति और प्रशिक्षण पद्धति का बड़ा योगदान प्रतीत होता है। विशेष रूप से प्ले-ऑफ तक पहुँचने की उपलब्धि ने टीम की क्षमता में हुई वृद्धि को साबित किया है।
इस प्रकार, माइकल क्लिंगर अब केवल एक खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि एक सफल मार्गदर्शक के रूप में पहचाने जा रहे हैं। भारतीय महिला क्रिकेट के समर्थन और गुजरात जायंट्स के साथ अपने जुड़ाव के माध्यम से वे खेल के नए स्तरों को छू रहे हैं। उनका विश्वास है कि उचित मार्गदर्शन और दर्शकों का प्यार किसी भी खिलाड़ी को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।
माइकल क्लिंगर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर थे जिन्होंने विभिन्न प्रारूपों में खेल खेला था। उन्होंने अपने खेल करियर के दौरान हजारों रन बनाए थे और उसके बाद वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोचिंग की भूमिका में आए, जिसमें वे वर्तमान में भारत की गुजरात जायंट्स के साथ जुड़े हुए हैं।
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