कार बीमा रिन्यूअल के समय इन 6 बड़ी गलतियों से बचें
केवल सस्ता प्रीमियम चुनने के बजाय कवरेज और एड-ऑन्स की जांच करना आवश्यक है
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, रात 11:09 · 3 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
कई कार मालिकों के लिए कार बीमा का रिन्यूअल एक वार्षिक कार्य जैसा होता है। कुछ लोग केवल अपनी वर्तमान बीमा कंपनी के साथ ही जुड़े रहते हैं, जबकि कुछ सबसे सस्ता प्रीमियम खोजते हैं। NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों दृष्टिकोणों में ऐसी महत्वपूर्ण विवरण छूटने की संभावना होती है जो क्लेम फाइल करते समय बड़ा अंतर ला सकते हैं।
बीमा रिन्यूअल से पहले पॉलिसी की त्वरित समीक्षा करने से अनावश्यक खर्चों को कम किया जा सकता है और वाहन की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। ज़ुनो जनरल इंश्योरेंस की चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर पूजा यादव ने उन छह सामान्य गलतियों के बारे में जानकारी दी है जिनसे मोटर चालकों को बीमा रिन्यूअल करते समय बचना चाहिए।
सबसे पहले, कई लोग केवल कम प्रीमियम को आकर्षक मानकर चुनते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह अधिक मूल्यवान है। कार मालिकों को यह जांचना चाहिए कि पॉलिसी में क्या कवर किया गया है, किन बातों को बाहर (exclusions) रखा गया है और क्लेम के दौरान उन्हें स्वयं कितनी राशि चुकानी होगी। मुख्य उद्देश्य ऐसी पॉलिसी खोजना होना चाहिए जो किफायती कीमत और पर्याप्त सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखे।
दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि स्टैंडर्ड बीमा मरम्मत के सभी खर्चों को कवर नहीं करता है। पॉलिसी के आधार पर जीरो डेप्रिसिएशन, रोडसाइड असिस्टेंस और इंजन प्रोटेक्शन जैसे एड-ऑन्स अतिरिक्त कवरेज दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, इंजन प्रोटेक्शन में इंजन और गियरबॉक्स के विशिष्ट नुकसान के साथ-साथ वॉटरलॉगिंग के कारण पानी भरने से होने वाले नुकसान का समावेश हो सकता है। इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मालिकों को विशेष रूप से जांचना चाहिए कि उनकी पॉलिसी में बैटरी सिस्टम और चार्जिंग संबंधी जोखिमों के लिए उचित सुरक्षा है या नहीं। पूजा यादव ने NDTV को बताया कि, "कार मालिकों को एड-ऑन्स का मूल्यांकन अपनी गाड़ी, ड्राइविंग की स्थिति और उपयोग के आधार पर करना चाहिए, न कि आँख मूँदकर उन्हें चुनना चाहिए।"
तीसरी गलती नो क्लेम बोनस (NCB) की अनदेखी करना है। NCB पॉलिसी अवधि के दौरान कोई क्लेम न करने के लिए पॉलिसीधारकों को दिया जाने वाला इनाम है, जो ओन-डैमेज प्रीमियम में उल्लेखनीय कमी ला सकता है। रिन्यूअल कोट में लागू NCB शामिल है या नहीं, इसकी जांच की जानी चाहिए। जो लोग बीमा कंपनी बदल रहे हैं, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका उचित बोनस सही ढंग से ट्रांसफर किया गया है।
चौथी गलती रिन्यूअल के लिए अंतिम तिथि तक प्रतीक्षा करना है। अंतिम समय में रिन्यूअल करने से पॉलिसियों की तुलना करने, कवरेज की समीक्षा करने या गलतियों को सुधारने के लिए बहुत कम समय मिलता है। बीमा समाप्त होने से पहले रिन्यूअल करने से मोटर चालकों को बिना जल्दबाजी के अपने विकल्पों का मूल्यांकन करने का अवसर मिलता है।
इस प्रकार, केवल सस्ता विकल्प चुनने के बजाय कवरेज की गहन जांच करना और सही एड-ऑन्स चुनना भविष्य में आर्थिक नुकसान से बचा सकता है। बीमा रिन्यूअल प्रक्रिया में इन बातों का ध्यान रखकर वाहन मालिक अपनी गाड़ी को अधिक सुरक्षित बना सकते हैं।
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