सेंसर बोर्ड ने 35 साल बाद फिल्मों के लिए नए नियम घोषित किए
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ड्रग्स और हिंसा के संबंध में नई गाइडलाइन लागू की
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, सुबह 9:57 · 2 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने भारतीय सिनेमा और फिल्म निर्माताओं के लिए बड़े बदलाव लागू किए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्मों के प्रदर्शन और प्रमाणन के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। ये नए नियम 6 दिसंबर 1991 से चल रहे 35 साल पुराने ढांचे का स्थान लेंगे।
TV9 गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, इन संशोधित गाइडलाइनों में पर्दे पर दिखाई जाने वाली अपराध, हिंसा, नशीले पदार्थों का सेवन, धूम्रपान, यौन सामग्री, महिलाओं, बच्चों, जानवरों के चित्रण और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े दृश्यों के लिए स्पष्ट सीमाएं निर्धारित की गई हैं। सरकार के अनुसार, इन नियमों का मुख्य उद्देश्य समाज के बदलते मूल्यों के साथ तालमेल बिठाना और कलात्मक अभिव्यक्ति तथा रचनात्मक स्वतंत्रता की रक्षा करना है।
नए ढांचे में सिनेमा की उत्कृष्टता और रचनात्मक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता बनाए रखने पर जोर दिया गया है। सरकार का कहना है कि फिल्म प्रमाणन का उद्देश्य अनावश्यक प्रतिबंध लगाना नहीं है, बल्कि जिम्मेदार कहानी कहने और रचनात्मक अभिव्यक्ति के बीच संतुलन बनाए रखते हुए दर्शकों को स्वच्छ और स्वस्थ मनोरंजन प्रदान करना है।
नए नियमों में बच्चों की सुरक्षा के लिए बच्चों को अनावश्यक रूप से पीड़ित, अपराधी या हिंसा के गवाह के रूप में दिखाने पर प्रतिबंध है। साथ ही बाल दुर्व्यवहार दिखाने वाले दृश्य भी प्रतिबंधित रहेंगे। महिलाओं के सम्मान के लिए उनके अपमान करने वाले दृश्यों को अनुमति नहीं दी जाएगी। बलात्कार या छेड़छाड़ जैसी यौन हिंसा के दृश्य, यदि कहानी के लिए आवश्यक भी हों, तो उन्हें ग्राफिक रूप से नहीं दिखाया जा सकेगा।
जानवरों के प्रति क्रूरता और दिव्यांग व्यक्तियों का मजाक उड़ाने वाले दृश्यों पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। नशीली दवाओं के उपयोग या तस्करी के दृश्यों के लिए स्क्रीन पर विशेष चेतावनी दिखाना अनिवार्य होगा। अश्लीलता और डबल मीनिंग के संदर्भ में बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कोई भी दृश्य, संवाद या गीत सामान्य मानवीय भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला नहीं होना चाहिए।
चित्तौड़गढ़ में पंचायत चुनाव के नतीजों के बाद हिंसा, 150 लोगों ने किया पथराव
मतगणना केंद्र पर हमले में दो पुलिसकर्मी घायल और वाहनों में तोड़फोड़ की गई
धनतेरस पर मुंबई के ज़वेरी बाज़ार में सोने की खरीदारी का धमधमाट
भाव बढ़ने के बावजूद ग्राहकों में सोना खरीदने के लिए भारी उत्साह देखा गया
राजस्थान के 600 पहलवानों को मिलेगा 1,100 किलो शुद्ध देसी घी
हरियाणा की तरह पहलवानों को मजबूत बनाने के लिए राजस्थान स्टेट रेसलिंग एसोसिएशन द्वारा पोषण और सुविधाओं में बढ़ोतरी