प्रधानमंत्री मोदी २ नवंबर को भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट का उद्घाटन करेंगे
भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एक्सपो २०२६ में १३० से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
1 नवंबर 2026, शाम 6:23 · अपडेट दोपहर 3:27 · 2 मिनट का पाठ
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी २ नवंबर को शाम लगभग ४:३० बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एक्सपो २०२६ का उद्घाटन करेंगे। PIB दिल्ली की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवसर पर वे उपस्थित सभा को संबोधित भी करेंगे। यह चार दिवसीय समिट २ से ५ नवंबर २०२६ के दौरान आयोजित होगी, जिसका मुख्य सूत्र ‘Invest. Innovate. Inspire.’ रखा गया है।
भारत रिन्यूएबल एनर्जी २०२६ स्वच्छ ऊर्जा निवेश, उद्योग जुड़ाव और प्रौद्योगिकी साझेदारी के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में काम करेगा। इस समिट में १३० से अधिक देशों के सहभागी, ४० से अधिक मंत्री, नीति निर्माता, निवेशक, वित्तीय संस्थान और उद्योग के अग्रणी मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम देश ‘कंट्री पार्टनर्स’ के रूप में भाग लेंगे।
भारत के १३ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों - आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल - अपनी रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता, निवेश के अवसरों और उत्पादन क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। इस समिट के साथ इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) की ९वीं असेंबली और ग्रीन हाइड्रोजन पर ४थी अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी (ICGH) भी आयोजित होगी। ISA असेंबली सौर ऊर्जा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वित्तीय क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करेगी, जबकि ICGH ग्रीन हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी और इसके स्केल-अप पर ध्यान देगी।
RE-INVEST की विरासत पर आधारित यह समिट वैश्विक जुड़ाव के लिए विस्तृत प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करेगी। समिट के दौरान प्लेनरी सत्रों, मंत्रिमंडल की चर्चाओं, CEO राउंडटेबल और देश तथा राज्य के सत्र होंगे। इसके अलावा, निवेश और प्रोजेक्ट विकास को प्रोत्साहन देने के लिए बिजनेस-टू-बिजनेस, बिजनेस-टू-गवर्नमेंट और गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट जुड़ाव भी होंगे। एक्सपो में ४०० से अधिक प्रदर्शक सौर और पवन ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, एनर्जी स्टोरेज और अन्य उभरते क्षेत्रों में अत्याधुनिक तकनीक और भारतीय उत्पादन क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
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