हापुड़ में नकली क्रीम बनाने वाली फैक्ट्री पर प्रशासन का शिकंजा, 500 किलो स्टॉक नष्ट
वनस्पति और रिफाइंड ऑयल से बनने वाली मिलावटी क्रीम का 1.10 लाख का स्टॉक जब्त कर फैक्ट्री सील की गई।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
4 नवंबर 2026, शाम 4:27 · 4 मिनट का पाठ
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उत्तर प्रदेश के हापुड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से क्रीम बनाने वाली फैक्ट्री पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान विभाग द्वारा लगभग 500 किलो मिलावटी और नकली क्रीम के स्टॉक को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस जब्त किए गए स्टॉक की बाजार कीमत लगभग ₹1.10 लाख बताई जा रही है। त्योहारों का सीजन नजदीक होने के कारण लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, यह औचक कार्रवाई सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा चंद्रशेखर मिश्रा के नेतृत्व में की गई। हापुड़ के शेखपुर कुचेसर चौपला इलाके में स्थित जय नगर की क्रीम बनाने वाली इकाई पर यह छापेमारी की गई। यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आदेशों और जिला मजिस्ट्रेट के निर्देशों के तहत अंजाम दी गई। छापेमारी के दौरान पता चला कि इस फैक्ट्री में बेहद खतरनाक तरीके से नकली क्रीम का उत्पादन किया जा रहा था।
जांच में सामने आया है कि इस इकाई में दूध का उपयोग करने के बजाय वनस्पति, रिफाइंड ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर और दही का मिश्रण करके नकली क्रीम तैयार की जा रही थी। स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ करने वाले इस अवैध कारोबार की जानकारी मिलते ही विभाग ने तत्काल प्रभाव से इस यूनिट का संचालन पूरी तरह बंद करवा दिया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने इस इकाई से नमूने के तौर पर तीन सैंपल लिए हैं, जिन्हें आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज, खाद्य सुरक्षा अधिकारी मोहित, सहरिश सादात और विपिन सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। फैक्ट्री पर छापेमारी के बाद टीम ने छतनौरा गांव का भी दौरा किया। वहां स्थित पहलवान डेयरी से दूध का एक नमूना लिया गया। इसके अलावा, अमित डेयरी से भी दूध, क्रीम और पनीर के नमूने एकत्र करके जांच के लिए भेज दिए गए हैं। सहायक आयुक्त चंद्रशेखर मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि सभी स्थानों से लिए गए नमूनों की लैब रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारों के सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए विभाग द्वारा इस तरह की सघन जांच की जा रही है। इस छापेमारी के कारण इलाके के मिलावटखोरों में भारी खलबली मच गई है। विभाग के अधिकारियों ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में भी ऐसी जांच जारी रहेगी।
उल्लेखनीय है कि, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण विभाग है, जो राज्य भर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा की निगरानी करता है। इस विभाग का मुख्य कार्य खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट को रोकना और उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य सामग्री मिल सके, यह सुनिश्चित करना है। अतीत में भी इस विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न इलाकों में नकली दूध, मावा और अन्य डेयरी उत्पादों को बनाने वाली इकाइयों के खिलाफ कई बार सख्त कदम उठाए गए हैं। इस विभाग के अधिकारी नियमित रूप से बाजारों और उत्पादन इकाइयों का निरीक्षण करते हैं और संदिग्ध नमूने लेकर उनकी वैज्ञानिक जांच करवाते हैं, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा बनी रहे।
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