लेह में सोनम वांगचुक के स्कूल की गतिविधियों को तत्काल रोकने का प्रशासन का आदेश
हाईकोर्ट के फैसले तक डेजर्ट फ्लावर स्कूल में कक्षाएं और अन्य गतिविधियां बंद रखने का प्रशासन का निर्देश।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 1:27 · 4 मिनट का पाठ
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लद्दाख प्रशासन ने सोनम वांगचुक द्वारा स्थापित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL) को लेह में स्थित डेजर्ट फ्लावर स्कूल की सभी गतिविधियों और कक्षाओं को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने इस आदेश के कारण के रूप में भूमि आवंटन को लेकर चल रहे कानूनी विवाद और आवश्यक मंजूरियों के अभाव का हवाला दिया है।
लेह के तहसीलदार कार्यालय द्वारा 1 नवंबर, 2026 को एक नोटिस जारी किया गया था। यह नोटिस HIAL की सह-संस्थापक और सीईओ गीतांजलि जे. आंगमो को संबोधित करते हुए लिखा गया था, जो सोनम वांगचुक की पत्नी भी हैं। प्रशासन ने डेजर्ट फ्लावर स्कूल के संचालन और गतिविधियों के संदर्भ में यह निर्देश दिया है।
प्रशासन के अनुसार, जानकारी मिली है कि लेह के फ्यांग स्थित डेजर्ट फ्लावर स्कूल में अधिकारियों से आवश्यक सहमति, क्लीयरेंस या मंजूरी प्राप्त किए बिना ही कक्षाएं और अन्य गतिविधियां शुरू कर दी गई थीं। यह स्कूल HIAL के इकोसिस्टम के तहत काम कर रहा है।
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि गीतांजलि आंगमो ने 22 सितंबर को लेह के डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिखकर डेजर्ट फ्लावर स्कूल की मैनेजिंग कमेटी के प्रस्तावित सदस्यों के लिए 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) या क्लीयरेंस प्राप्त करने का अनुरोध किया था। हालांकि, प्रशासन ने दावा किया है कि आवश्यक मंजूरियां मिलने से पहले ही स्कूल में गतिविधियां शुरू कर दी गई थीं।
प्रशासन ने नोट किया है कि HIAL से संबंधित मामला वर्तमान में जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख हाईकोर्ट के समक्ष न्यायिक प्रक्रिया के अधीन (sub judice) है। इसलिए, तहसीलदार ने HIAL और गीतांजलि आंगमो को सलाह दी है कि जब तक हाईकोर्ट द्वारा इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं ले लिया जाता या प्रशासन द्वारा कोई अन्य निर्देश नहीं दिया जाता, तब तक स्कूल के संचालन या गतिविधियों को शुरू करने के लिए किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करें।
प्रशासन ने 'स्टेटस क्वो' (यथास्थिति बनाए रखने) को बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसी कोई भी कार्रवाई न की जाए जो हाईकोर्ट में लंबित मामले की कार्यवाही पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सके या उसे नुकसान पहुंचा सके।
इस पूरी घटना की पृष्ठभूमि में HIAL को आवंटित की गई जमीन से जुड़ा लंबा विवाद जुड़ा हुआ है। मई 2018 में, फ्यांग थांग में हिमालयी क्षेत्र में सतत विकास पर ध्यान केंद्रित करने वाले एक वैकल्पिक विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए HIAL को 1,076 कनाल और एक मरला जमीन आवंटित की गई थी। यह भूमि आवंटन 40 वर्ष की लीज के लिए किया गया था, जो कुछ शर्तों के अधीन था।
हालांकि, 21 अगस्त, 2025 को लद्दाख प्रशासन ने इस भूमि आवंटन को रद्द कर दिया था। प्रशासन के अनुसार, संस्था ने लीज से संबंधित औपचारिकताएं पूरी नहीं की थीं और जिस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए जमीन आवंटित की गई थी, उसे भी स्थापित नहीं किया था। इस निर्णय को चुनौती देते हुए HIAL ने हाईकोर्ट का रुख किया है और वर्तमान में संस्था की रिट याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
सोनम वांगचुक द्वारा इस संबंध में आरोप लगाया गया है कि भूमि विवाद का उपयोग उनकी सक्रियता (activism) के कारण उन्हें निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
प्रशासन द्वारा जारी किया गया यह नोटिस अब डेजर्ट फ्लावर स्कूल के संभावित कामकाज पर प्रशासनिक बाधा उत्पन्न करता है, जो हाईकोर्ट के फैसले तक लागू रहेगा।
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