सुपर एल नीनो से भारत की आर्थिक वृद्धि को खतरा, IMF ने दी चेतावनी
वर्तमान में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन है, लेकिन मौसम के प्रभाव अभी दिखाई नहीं दे रहे हैं।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
30 अक्टूबर 2026, दोपहर 1:28 · 3 मिनट का पाठ
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चेतावनी दी है कि सुपर एल नीनो जैसी मौसम संबंधी घटनाएं भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। हालांकि, The Economic Times और Business Standard की रिपोर्ट के अनुसार, इन जोखिमों का प्रभाव अभी तक भारत पर दिखाई नहीं दे रहा है। भारत वर्तमान में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए विकास के इंजन के रूप में कार्य करना जारी रखे हुए है।
IMF की संचार निदेशक जूली कोज़ेक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सुपर एल नीनो के कारण भारत के सामने कुछ जोखिम हैं, लेकिन वर्तमान में वे जोखिम वास्तविक रूप में सामने नहीं आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इन मौसम संबंधी घटनाओं का जोखिम वास्तविक बनता है, तो IMF जनवरी के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (WEO) अपडेट में भारत की वृद्धि के अनुमानों का पुनर्मूल्यांकन करेगा।
सुपर एल नीनो के कारण भारत को किस प्रकार के जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है, इसकी विस्तृत सूची IMF ने दी है। इन जोखिमों में फसल की कम पैदावार, खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि से होने वाली मुद्रास्फीति और इसके कारण भारतीय परिवारों की क्रय शक्ति पर पड़ने वाला प्रभाव शामिल है। इन मौसम संबंधी प्रभावों के भविष्य में अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने की संभावना है।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो, IMF ने भारत की आर्थिक वृद्धि के अनुमानों में हाल ही में सुधार किया है। बैंकॉक में जारी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2027 और वित्तीय वर्ष 2028 के लिए भारत की वृद्धि दर 7 प्रतिशत रखी गई है। इससे पहले जुलाई महीने में किए गए अनुमानों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2027 के लिए वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत और वित्तीय वर्ष 2028 के लिए 6.7 प्रतिशत रखी गई थी। इस प्रकार, वृद्धि के अनुमानों में वृद्धि की गई है।
इस 7 प्रतिशत की वृद्धि दर के अनुमान को समर्थन देने के लिए मजबूत घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र की मजबूत गतिविधि जिम्मेदार है। जूली कोज़ेक के अनुसार, भारत में वर्तमान में वृद्धि की प्रक्रिया बहुत ही मजबूत गति में है और यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए विकास का इंजन बन रहा है। देश में सेवा क्षेत्र का विकास और स्थानीय बाजार में मांग का स्तर इस आर्थिक गति को बनाए रखने में सहायक हो रहा है।
हालांकि, मौसम के बदलते कारक भविष्य में इस गति को प्रभावित कर सकते हैं। IMF ने नोट किया है कि सुपर एल नीनो के जोखिम भविष्य में देखे जा सकते हैं। यदि ये जोखिम वास्तविकता में परिवर्तित होते हैं, तो जनवरी के आगामी अपडेट में भारत के लिए आर्थिक दृष्टिकोण और वृद्धि के आंकड़ों में बदलाव किया जाएगा। अब तक के डेटा के अनुसार, भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता एक चुनौती बन सकती है।
इस प्रकार, IMF ने भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को नोट किया है, लेकिन साथ ही मौसम संबंधी जोखिमों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता भी बताई है। भारत की आर्थिक वृद्धि के आंकड़े और वैश्विक अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका वर्तमान में सकारात्मक है, लेकिन सुपर एल नीनो जैसी घटनाएं भविष्य के आर्थिक नियोजन के लिए महत्वपूर्ण कारक बनी रहेंगी।
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